Arijit Singh – Sukoon Lyrics

Sukoon Lyrics by Arijit Singh & Salim-Sulaiman, Shraddha Pandit

दिल वो ही सुकून ढूँढे
वैसा ही करार माँगे
दिल वो ही सुकून ढूँढे
वैसा ही करार माँगे

जो कुदरत ने बिखेरे थे बस मेरी राहों में
और किस्मत ने सजाए थे मेरी निगाहों में
जाने अब कहाँ मिलेगा, कहाँ छुपा होगा
मिल जाता तो रख लेता मैं अपनी पनाहों में

वो सुकून शायद मुझसे ही है
मुझमें ही था और मुझमें ही है

सुकून, सुकून, सुकून

झाँक लूँ खुद में ज़रा, सब कुछ है अंदर मेरे
लहरों पे मिलता नहीं, जो गहरे समंदर मिले
महसूस होगा मुझे जब खुद को पहचानूँगा
दिल के अंदर देख कर अपनी रूह को जानूँगा
डूबेगा, डूबेगा
डूबेगा तो तर जाएगा हर ज़र्रा मेरा
वरना तड़प के ही गुज़रेगा रोज़मर्रा मेरा
क्या मैंने कभी किया है थोड़ा इश्क़ भी खुद से
मिल जाएगा जो ढूँढता मैं दर-बदर कबसे

वो सुकून शायद मुझसे ही है
मुझमें ही था और मुझमें ही है
वो सुकून शायद मुझसे ही है
मुझमें ही था और मुझमें ही है

सुकून, सुकून, सुकून

(सुकून) वो सुकून मुझसे है
(सुकून) मुझमें है सुकून
(सुकून)
(सुकून, सुकून, सुकून)

(सुकून, सुकून, सुकून)
सुकून
सुकून